Author(s): हर्षा पाटिल, अब्दुल सत्तार, महेष कुमार नायक

Email(s): kngajpal@gmail.com

DOI: Not Available

Address: डाॅ. हर्षा पाटिल1, डाॅ. अब्दुल सत्तार2, श्री महेष कुमार नायक3
1सहायक प्राध्यपिका, कंिलंगा विष्वविद्यालय,नया रायपुर.
2विभागाध्यक्ष, कमला नेहरू महाविद्यालय, कोरबा.
3षोधार्थी, कंिलंगा विष्वविद्यालय, नया रायपुर.
*Corresponding Author

Published In:   Volume - 8,      Issue - 4,     Year - 2020


ABSTRACT:
शिक्षा किसी भी राष्ट्र की धुरी है,जिस पर उसके विकास का चक्र घूमता हैै। राष्ट्र जनों के मानसिक क्षितिज का विस्तार देकर उन्हें प्रत्येक क्षेत्र के कार्य में सक्षम बनाना षिक्षा का उपहार है। षिक्षा को मानवीय जीवन का ज्योर्तिमय पक्ष माना गया है, जिससे मानव के व्यक्तित्व का चर्तुमुखी विकास होता है। षिक्षा मानव के बौद्धिक तथा सामाजिक विकास में जन्म से चल रही प्रक्रिया है। मानव जन्म से लेकर मृत्यु तक जो कुछ सीखता है या करता है वह षिक्षा के माध्यम से ही करता है। प्राचीन काल में षिक्षा को न तो पुस्तकीय ज्ञान का पर्यायवाची माना गया और न ही जीवकोपार्जन का साधन, वरन् षिक्षा को वह प्रकाष माना गया है, जो व्यक्ति को उत्तम जीवन जीने व मोक्ष प्राप्त करने का साधन माना है।


Cite this article:
हर्षा पाटिल, अब्दुल सत्तार, महेष कुमार नायक. प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति पर मध्यान्ह भोजन योजना के प्रभाव का अध्ययन. Int. J. Ad. Social Sciences. 2020; 8(4): 153-158.

Cite(Electronic):
हर्षा पाटिल, अब्दुल सत्तार, महेष कुमार नायक. प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति पर मध्यान्ह भोजन योजना के प्रभाव का अध्ययन. Int. J. Ad. Social Sciences. 2020; 8(4): 153-158.   Available on: https://ijassonline.in/AbstractView.aspx?PID=2020-8-4-6


संदर्भ ग्रंथ-सूची:-
1ण्    भटनागर, (1973) ”अनुसंधान परिचय“ आगरा लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, पृष्ठसंख्या 62-90
2ण्    पाण्डेय रामशकल (1987) ”शिक्षा दर्शन“ आगरा विनोद पुस्तक मंदिरतेईसवां संस्करण - पृष्ठ संख्या 25-30
3ण्    कपिल डाॅ. एच.के. (1992-93) - ”अनुसंधान विधियाँ“ आगरा भार्गव बुक  हाउस, सप्तम संस्करण, पृष्ठ संख्या 38-40, 71-75
4ण्    भार्गव महेश (1992-93) ”मनोवैज्ञानिक परीक्षण एवं मापन“ आगरा शैक्षणिक प्रकाशन पृष्ठ संख्या 45-46    
5ण्    ड्रेज, जीन तथा गीता गाँधी किंग्डम; (2001) “सकूल पार्टीसिपेषन इन रूरल इंडिया रिजू आफ डेवलपमेंट इकानामिक्स”।
6ण्    खेड़ा रीतिका; (2002) -“मिड -डे-मील्स इन राजस्थान, द हिन्दु नवम्बर”
7ण्    सरीन एण्ड सरीन; (2003) ”षैक्षिक अनुसंधान विधियाँ“ पृ. संख्या-23
8ण्    राय, पारसनाथ, (2004) ” अनुसंधान परिचय“ पृष्ठ संख्या 45-46
9ण्    पाठक, पी.डी., (2005) षिक्षा मनोविज्ञान, पृष्ठ संख्या 25-35
10ण्    भटनागर आर. पी. एवं भटनागर मीनाक्षी (2005) ”शिक्षा अनुसंधान“ मेरठ इंटरनेशनल, पब्लिशिंग हाउस, द्वितीय संस्करण, पृष्ठ संख्या 223-233.

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