Author(s): केदार कुमार, अष्विनी महाजन

Email(s): sahuk7641@gmail.com

DOI: Not Available

Address: केदार कुमार1, डाॅ. अष्विनी महाजन2
1(षोधार्थी), शास. विष्वनाथ यादव तामस्कर स्ना. स्व. महाविद्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
2(प्राध्यापक), शोध निर्देशक, शास. विष्वनाथ यादव तामस्कर स्ना. स्व. महाविद्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
*Corresponding Author

Published In:   Volume - 9,      Issue - 2,     Year - 2021


ABSTRACT:
भारत गाँवों का देष है तथा भारत की आत्मा गाँवों में निवास करती है। छत्तीसगढ़ में पंचायती राज व्यवस्था को तीन स्तरों में विभक्त किया गया है-ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत का विकास कार्य के लिए वित्तीय सहायता राज्य सरकार के माध्यम से किया जाता है। ग्राम पंचायतों में सरपंच, सचिव एवं पंचों की भूमिका मुख्य होता है। वहीं जनपद स्तर में जनपद सदस्य, जनपद अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (जो कि भारतीय प्रषासनिक सेवा) स्तर के होते हैं।


Cite this article:
केदार कुमार, अष्विनी महाजन. ग्रामीण विकास में पंचायती राज की भूमिका. International Journal of Advances in Social Sciences. 2021; 9(2): 120-2.

Cite(Electronic):
केदार कुमार, अष्विनी महाजन. ग्रामीण विकास में पंचायती राज की भूमिका. International Journal of Advances in Social Sciences. 2021; 9(2): 120-2.   Available on: https://ijassonline.in/AbstractView.aspx?PID=2021-9-2-8


सन्दर्भ ग्रंथ सूची -
1. अग्रवाल, प्रमोद कुमार, भारत में पंचायती राज, ज्ञान गंगा प्रकाषन, दिल्ली, 2003.
2. द्विवेदी, राधेश्याम, मध्यप्रदेष पंचायती राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, सुविधा लाॅ प्रकाषन, भोपाल, 2005.
3. मिश्रा, पी. एल., द पाॅलिटिकल हिस्ट्री आॅफ छत्तीसगढ़, विष्व भारती प्रकाषन, नागपुर, 1982.
4. सिसोदिया, यतेन्द्र सिंह, पंचायती राज और अनुसूचित जनजाति, महिला नेतृत्व, 2000.
5. सिंह, एस.के. पंचायती राज फाइनेन्स इन मध्यप्रदेष, नई दिल्ली, 2004.
6. तोमर, संजय, ग्रामीण विकास में ग्राम पंचायत, डाॅ. बी. आर. अम्बेडकर विष्वविद्यालय, आगरा, 2017.

Recomonded Articles:

Author(s): केदार कुमार, अष्विनी महाजन

DOI:         Access: Closed Access Read More

International Journal of Advances in Social Sciences (IJASS) is an international, peer-reviewed journal, correspondence in the fields....... Read more >>>

RNI:                      
DOI:  


Recent Articles




Tags