Author(s): कुबेर सिंह गुरुपंच

Email(s): dhanbsp@gmail.com

DOI: 10.52711/2454-2679.2023.00041   

Address: डॉ. कुबेर सिंह गुरुपंच
प्राध्यापक एवं अधिष्ठाता, भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग छ.ग.
*Corresponding Author

Published In:   Volume - 11,      Issue - 4,     Year - 2023


ABSTRACT:
प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का भौगोलिक अध्ययन एवं महत्त्व है। छत्तीसगढ़ में शासन द्वारा विभिन्न पर्यटन स्थलों को चिन्हान्तित किया गया है जहाँ देशी एवं विदेशी पर्यटक आते है इससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है अतः छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभवनाएँ है। शोध एवं अनुसंधान की दृष्टिकोण से वैज्ञानिक पहलुओं का ध्यान रखते हुए मानचित्रों का उपयोग कर पर्यटन के अनेक पहलुओं का अध्ययन आवष्यक है। पर्यटन में भाषाओं से संबंधित तत्वों का अध्ययन, भौगोलिक तत्वों को ध्यान में रखकर किया जाता है। किसी स्थान और उनके निवासियों की संस्कृति, सुरूचि, परम्परा, जलवायु, पर्यावरण और विकास के स्वरूप विस्तृत ज्ञान प्राप्त करने और उसके विकास में सहयोग करने वाले पर्यटन को पर्यटन भूगोल के अंतर्गत अध्ययन करते है। पर्यटन स्थल पर अनेक प्रकार के सामाजिक तथा व्यापारिक समूह मिलकर कार्य करते है जिसमें पर्यटक और निवासी दोनों महत्वपूर्ण हो जाते है। इसमें दोनों को ही व्यापार और आर्थिक विकास के अवसर मिलते है। स्थानीय वस्तुओं, कलाओं और उत्पादन को नये बाजार मिलते है और मानवता के विकास की दिषाए खुलती है। पर्यटन स्थल के राजनैतिक, सामाजिक और प्राकृतिक कारणों का बहुत महत्वपूर्ण होता है इसके लिए आवष्यक मानचित्र उपकरणों की आवष्यकता होती है। प्राचीन काल से ही पर्यटन की भौगोलिक विकास प्रारंभ हुआ और आर्थिक, धार्मिक, एवं सांस्कृतिक कारणों को जानने का अवसर प्राप्त हुआ। अनेक धर्मों और मान्यताओं का विकास हुआ द्य छत्तीसगढ़ राज्य अपने लोक कला एवं संस्कृति के साथ ही साथ खनिज संपदा, वन संपदा तथा पर्यटन स्थल के क्षेत्र में भी आगे है। छत्तीसगढ़ राज्य का इतिहास बहुत पुराना है यहां प्राचीनकाल के कई प्रमाण मिले है। राज्य में बहुत से किले, मंदिर आदि का ऐतिहासिक महत्व है। छत्तीसगढ़ एक नवीन राज्य है किंतु यह ऐतिहासिक दृष्टि से अतीव संपन्न एवं समृध्य राज्य है, जिसमें ऐतिहासिक, धार्मिक, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अनुपम पर्यटन स्थल स्थित है। छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल राष्ट्रीय स्तर के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशेष छाप छोड़ता है। छत्तीसगढ़ के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का गठन 18 जनवरी 2002 को किया गया। छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों (ब्ीींजजपेहंती ाम च्ंतलंजंद ैजींस) का जिलेवार विवरण नीचे दिया गया है।


Cite this article:
कुबेर सिंह गुरुपंच. छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का भौगोलिक अध्ययन एवं महत्त्व. International Journal of Advances in Social Sciences. 2023; 11(4):254-6. doi: 10.52711/2454-2679.2023.00041

Cite(Electronic):
कुबेर सिंह गुरुपंच. छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का भौगोलिक अध्ययन एवं महत्त्व. International Journal of Advances in Social Sciences. 2023; 11(4):254-6. doi: 10.52711/2454-2679.2023.00041   Available on: https://ijassonline.in/AbstractView.aspx?PID=2023-11-4-10


संदर्भ ग्रंथ सूची
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