Author(s): पंकज कुमार, उपेन्द्र कुमार साहू

Email(s): pankajsahu125@gmail.com , upendrakumarsahu987@gmail.com

DOI: 10.52711/2349-2988.2024.00041   

Address: पंकज कुमार1, उपेन्द्र कुमार साहू2
1अतिथि व्याखाता, अर्थशास्त्र, शासकीय पं. जवाहर लाल नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बेमेतरा जिला-बेमेतरा (छ.ग.)
2अतिथि व्याखाता, अर्थशास्त्र, बद्री प्रसाद लोधी स्नातकोत्तर शासकीय महाविद्यालय, आरंग, जिला-रायपुर (छ.ग.)
*Corresponding Author

Published In:   Volume - 12,      Issue - 4,     Year - 2024


ABSTRACT:
प्रस्तुत शोध पत्र छत्तीसगढ़ राज्य में साझा सम्पत्ति संसाधन (Common property resources - CPR) का प्रभाव ऋणात्मक बाह्यताओं के परिपेक्ष में अध्ययन पर आधारित है। विकासशील देशों एवं विकसित देशों में निजीकरण संसाधन प्रबंधन को अनदेखी नहीं किया जा सकता क्योंकि निजीकरण एक ऐसा अस्त्र है जिससे देश की विकास पर तेजी को जन्म देती है अर्थात् आर्थिक विकास को सुदृढ़ बनाता है। देश की जनता पहले भी निजीकरण एवं सार्वजनिक संसाधनों के प्रभावों को अनुभव किया है। इन्होंने यह भी कहा कि निजीकरण कोई वृक्षारोपण नहीं है जिसे कहीं भी लगाया जाय यह एक समायोजित निश्चित स्थान पर ही लगाया जा सकता है। निष्कर्ष के रूप में यह कहा जा सकता है कि विकासशील देशों के लिए निजीकरण सही रूप से कार्य नहीं कर रहा है किसी भी परिस्थिति के लिए निजीकरण विकासशील देशों के लिए उचित नहीं है जहॉं उचित सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, ऐतिहासिक संस्थागत पृष्ठ भूमि है अतः विकासशील देशों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र ही उचित है।


Cite this article:
पंकज कुमार, उपेन्द्र कुमार साहू. छत्तीसगढ़ राज्य में साझा सम्पत्ति संसाधन का प्रभाव ऋणात्मक बाह्यताओं के परिपेक्ष में अध्ययन. International Journal of Advances in Social Sciences. 2024; 12(4):254-4. doi: 10.52711/2349-2988.2024.00041

Cite(Electronic):
पंकज कुमार, उपेन्द्र कुमार साहू. छत्तीसगढ़ राज्य में साझा सम्पत्ति संसाधन का प्रभाव ऋणात्मक बाह्यताओं के परिपेक्ष में अध्ययन. International Journal of Advances in Social Sciences. 2024; 12(4):254-4. doi: 10.52711/2349-2988.2024.00041   Available on: https://ijassonline.in/AbstractView.aspx?PID=2024-12-4-13


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