Author(s): B. L. Sonekar, Sunil Kumeti

Email(s): sonekarptrsu@gmail.com

DOI: Not Available

Address: Dr. B. L. Sonekar1*, Dr Sunil Kumeti2
1Assistant Professor, School of Studies in Economics, Pt. Ravishankar Shukla University, Raipur CG India.
2Associate Professor, School of Studies in Economics, Pt. Ravishankar Shukla University, Raipur CG India.
*Corresponding Author

Published In:   Volume - 9,      Issue - 2,     Year - 2021


ABSTRACT:
छत्तीसगढ़ मूलतः गांवों का प्रदेश है और भारत के उन राज्यों में से एक जहां अनुसूचित जाती और जनजाति की बहुलता है। राज्य सरकार ने राज्य के विकास के लिए कई योजनाएँ शुरू की है। इन योजनाओं के संचालन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस राज्य में 10971 ग्राम पंचायते, 146 जनपद पंचायते और 27 जिले है। तीन स्तरीय पंचयती राज के जरिये दो लाख से ज्यादा निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि गांवों के विकास के लिए समर्पित होकर काम कर रही है। भारत सरकार द्वारा संचालित पंचवर्षीय योजना और वार्षिक योजनाओं का उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सामाजिक, आर्थिक, सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय की त्रिस्तरीय व्यवस्था द्वारा इन्हे मजबूत बनाना है। ग्रामीण विकास में ग्राम पंचायतों में सरपंच महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही प्रायः यह भी देखा गया है कि प्रतिनिधि कितना जागरूक व कार्य के लिए अग्रसर है, उस पर भी विकास निर्भर करता है। चुकि सभी व्यवस्था को ग्रामीण स्तर पर सरपंच द्वारा ही क्रियान्वित की जाती है। अतः इसको ध्यान मे रखकर शोध द्वारा छतीसगढ़ के चार जिलों कांकेर, कोरिया, मुंगेली व जांजगीर चांपा में 160 न्यायदर्श ग्राम पंचयतों मे सरपंचों के ग्रामीण विकास में योगदान का अध्ययन निदर्ष सरपंचों द्वारा किये गए कार्यो का ग्रामीण विकास में योगदानए निदर्ष अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सरपंचों द्वारा षासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में होने वाली समस्याओं और न्यादर्श ग्राम पंचायतों में ग्रामीण विकास मे सरपंचों के योगदान का सांख्यिकी विष्लेषण का अध्ययन करना उद्देष्यों के साथ किया है न्यायदर्श ग्राम पंचायतों के सर्वेक्षण व शोध तथा आंकड़ों, तथ्यों व संख्यकीय विश्लेषण से यह स्पष्ट हो जाता है और हम इस निष्कर्ष पर पहुँचते है कि अनुसूचित जाति व जनजाति के सरपंचों का ग्रामीण विकास में योगदान पाया गया है।


Cite this article:
B. L. Sonekar, Sunil Kumeti. छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के सरपंचों का ग्रामीण विकास मे योगदान-एक सांख्यिकीय विष्लेषण. International Journal of Advances in Social Sciences. 2021; 9(2): 111-9.

Cite(Electronic):
B. L. Sonekar, Sunil Kumeti. छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के सरपंचों का ग्रामीण विकास मे योगदान-एक सांख्यिकीय विष्लेषण. International Journal of Advances in Social Sciences. 2021; 9(2): 111-9.   Available on: https://ijassonline.in/AbstractView.aspx?PID=2021-9-2-7


संदर्भित ग्रंथ
1.    डाॅँ. राजेश, 2005, कुरूक्षेत्र, पृष्ट क्र. 15-17,
2.    डाॅँ. उषा दुबे, 2006, त्रैमासिक शोध पत्रिका पृष्ट क्र. 9-12,
3.    कुमार, लोकेष, अगस्त 2009, कुरूक्षेत्र, पृष्ट क्र. 1-7
4.    पटेल, डाॅँ सुधीर कुमार, अगस्त 2009, कुरूक्षेत्र, पृष्ट क्र 8-12
5.    उपाध्याय, देवेन्द्र 2010, लोक पंचायत, पृष्ट क्र 1
6.    कौषिक, डाॅँ. जगबीर 2010, कुरूक्षेत्र, पृष्ट क्र. 23-28
7.    त्रिपाठी रामदत्त 2010, ।तजपबसम ठठब् छमूे ीपदकप चच 1
8.    शुक्ला, आसुतोष, अक्टूबर 2011, कुरूक्षेत्र, पृष्ट क्र. 39-42
9.    सिंह, सुरेन्द्र बहादुर, अगस्त 2011 कुरूक्षेत्र, पृष्ट क्र. 23-28
10. कुमार, राजू ,2013, इडिया वाटर पोर्टल (हिन्दी) पृष्ट क्र. 1
11. सिंह, लोकेन्द्र 2013 ।तजपबसम डमकपं वित तपहीजे चच. 1
12. सिन्हा, विकास कुमार, अक्टूबर 2013, कुरूक्षेत्र, पृष्ट क्र. 37-39
13. श्रीवास्तव, मयंक, अक्टूबर 2013, कुरूक्षेत्र, पृष्ट क्र. 7-11
14. भारत की जनगणना-2011, जनसंख्या के अनन्तिम आंकड़े-2011 छत्तीसगढ़ श्रृंखला 23 भारत सरकार, नई दिल्ली, 2011
15. छत्तीसगढ़ राज्य के जिला स्तरीय सामाजिक आर्थिक विकास संकेतक 2005, आर्थिक एवं सांख्यिकीय संचालनालय, रायपुर
16. संभाव्यता युक्त ऋण योजना, बस्तर जिला, राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर, 2009-10
17. छत्तीसगढ़ विकास का मुख्यालय, छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2004, रायपुर
18. बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, जनसंपर्क संचालनालय, छ.ग. शासन,        रायपुर, दिसम्बर 2007
19. छत्तीसगढ़ का सांख्यिकीय संक्षेप, 2009 आर्थिक एवं सांख्यिकीय संचालनालय, रायपुर
20. जिला सांख्यिकीय पुस्तिका, जिला क्षेत्रीय, 2009, उपसंचालक, जिला योजना एवं सांख्यिकीय, सरगुजा, अंबिकापुर
21. म्समअमदजी पिअम लमंत च्संद 2007.12ए टवसण् प्ए प्दबसनेपअम ळतवूजीए च्संददपदह ब्वउउपेेपवदए ळवअजण् व िप्दकपंए छमू क्मसीप
22. ैवबपंस क्मअमसवचउमदज त्मचवतज 2010.ज्ीम संदक फनमेजपवद ंदक जीम डंतहपदंसप्रमकए ब्वनदबपस वित ैवबपंस क्मअमसवचउमदजए व्गवितक न्दपअमतेपजल च्जतेनए छमू क्मसीप 2011
23. प्दकपं ीनउंद क्मअमसवचउमदज त्मचवतज 2022 ज्वूंतके ैवबपंस प्दबसनेपअम व्गवितक न्दपअमतेपजल च्तमेेए छमू क्मसीप 2011
24. डंीमेीूंतपए ैत् त्नतस क्मअमसवचउमदज पद प्दकपं ैंहम च्नइसपबंजपवदए छमू क्मसीप 1984
25. डपक.ज्मतउ ।चचतंपेंस म्समअमदजी थ्पअम ल्मंत च्संद 2007.12ण् च्संददपदह ब्वउउपेेपवदए ळवअजण् व िप्दकपं छमू क्मसीपए 2011
26. छत्तीसगढ़ शासन आर्थिक सर्वेक्षण 2017 -18  
27. छत्तीसगढ़ शासन वार्षिक प्रषासकीय प्रतिवेदन 2016-17
28. जिला सांख्यिकी पुस्तिका 2015-16 जिला - मुंगेली, छत्तीसगढ़
29. जिला सांख्यिकी पुस्तिका 2015-16 जिला - कांकेर, छत्तीसगढ़
30. जिला सांख्यिकी पुस्तिका 2015-16 जिला - कोरिया, छत्तीसगढ़
31. वार्षिक प्रतिवेदन 2016 -17 राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान, ग्रामीण विकास मंत्र्ाालय, भारत सरकार

Recomonded Articles:

International Journal of Advances in Social Sciences (IJASS) is an international, peer-reviewed journal, correspondence in the fields....... Read more >>>

RNI:                      
DOI:  


Recent Articles




Tags